वो अलग थे
सो जुदा हो गए
एक पल में
शाख से जुड़े जुड़े
जाने कब सूखी थी वो
पर
एक यकीन की जड़ थी
कि थाम लेगा शाख शायद
गिरने नहीं देगा
पर शाख थी विशाल बहुत
कितना और क्या संभालती
वो सूख कर गिर गयी
वो अलग थे
सो जुदा हो गए
सो जुदा हो गए
एक पल में
शाख से जुड़े जुड़े
जाने कब सूखी थी वो
पर
एक यकीन की जड़ थी
कि थाम लेगा शाख शायद
गिरने नहीं देगा
पर शाख थी विशाल बहुत
कितना और क्या संभालती
वो सूख कर गिर गयी
वो अलग थे
सो जुदा हो गए
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